कांग्रेस का सुंदरकांड:पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सुंदरकांड का पाठ किया; बोले- मंदिर निर्माण की राजीव गांधी ने 1985 में इसकी शुरुआत की थी

भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के श्यामला हिल्स स्थित निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और समर्थकों से निवेदन किया है कि आप भी अपनी-अपनी जगह पर हनुमान चालीसा का पाठ कर इस आयोजन के सहभागी बनें। रीवा में विधायक सिद्धार्थ तिवारी, देवास में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और मंदसौर आदि तमाम जिलों में सुंदरकांड का पाठ किया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सुंदरकांड के आयोजन के बाद कहा कि आज खुशी का दिन है। हमने प्रदेश की ख़ुशहाली, उन्नति, समृद्धि को लेकर आज हनुमान जी का पूजन व पाठ किया। हम राम मंदिर निर्माण का स्वागत करते है। राजीव गांधी जी ने 1985 में इसकी शुरुआत की। 1989 में शिलान्यास किया। राजीव जी के कारण ही राम मंदिर का सपना आज साकार हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “आज राजीव जी होते तो यह सब देखते। हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रदेश की जनता की और से 11 चांदी की शिला भेज रहे है। भारत की संस्कृति सभी को जोड़ने वाली है। यहां विभिन्न भाषाएं, विभिन्न धर्मों के लोग रहते है। यह हमारी पहचान है। हम जब भी कुछ करते है, भाजपा के पेट में दर्द पता नहीं क्यों चालू हो जाता है। क्या धर्म पर उनका पेटेंट है, उनका ठेका है, उन्होंने धर्म की एजेंसी ली हुई है क्या?”

कमलनाथ ने कहा कि ‘मैंने छिंदवाड़ा में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की। हमने अपनी सरकार में गौ-शालाएं बनवाई, राम वनगमन पथ के निर्माण की बाधाएं दूर की, महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर के विकास की योजना बनाई। बस हम धर्म का उपयोग राजनीति के लिए नहीं करते है, हम इसे इवेंट नहीं बनाते है। हम सभी की सोच धार्मिक है लेकिन हम धर्म और राजनीति का गठजोड़ नहीं करते है।’
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ राममंदिर निर्माण के भूमिपूजन का स्वागत कर चुके हैं। इसके साथ उन्होंने अपने ऑफिशियल और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ट्विटर हैंडल की प्रोफाइल पिक्चर भी बदल दी है। इसमें वह रामभक्त और भगवा रंग में दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं और कांग्रेस को इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सत्ता में वापस लौटने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने उप चुनावों को देखते हुए ही चुनाव प्रसार में बदलाव किया है।

इधर, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ के इस आयोजन को स्वांग करार दिया है। गृह मंत्री ने कहा- जान न जाए निशाचर माया, काल नेम के ही कारण आया… क्या राम भक्तों को इतना नासमझ माना जा रहा कि एक तरफ सुंदरकांड हो और दूसरी तरफ कांग्रेस का लंका कांड की तरह ढहाने का कांड हो। उनका इशारा दिग्विजय सिंह की तरफ था, जिन्होंने राममंदिर निर्माण के मुहूर्त को अशुभ बताते हुए कहा था कि इसे पीएम मोदी ने अपने अनुसार तय कराया है।

मिश्रा का कहना था कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि रामभक्त इतने नासमझ नहीं हैं कि कथनी और करनी का भेद नहीं समझ पाएं। उसका एक नेता सुंदर कांड कराने की बात करता है तो दूसरा लंका कांड में व्यस्त है। राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस का स्वांग अब और नहीं चलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *