कश्मीरी पंडितों की चिंता:गृहमंत्री ने कहा – मप्र में रह रहे जिन निर्वासितों की कश्मीर में जमीन हड़पी है, वे गृह मंत्रालय में आवेदन करें

भोपाल. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कश्मीरी पंडितों को लेकर कहा है कि मध्य प्रदेश में रह रहे निर्वासितों की रोशनी एक्ट के तहत यदि कश्मीर में जमीन हड़पी गई है तो वे गृह मंत्रालय में आवेदन करें। मध्य प्रदेश सरकार जमीन वापस कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और इसको लेकर केंद्र सरकार से अपील करेगी। मिश्रा ने कहा कि कश्मीर में रोशनी एक्ट के नाम पर अंधेरा फैलाने का काम किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक्ट कांग्रेस की ओर से पैदा किया गया अभिशाप है। कुछ लोगों ने आतंकवाद से हाथ मिलाकर रोशनी के नाम पर कश्मीर में अंधेरा फैलाया।

क्या है रोशनी एक्ट

वर्ष 2001 में जम्मू-कश्मीर में तत्कालीन नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने गरीबों के घरों को रोशन करने के लिए जम्मू-कश्मीर भूमि एक्ट लागू किया था। जिसके तहत वर्ष 1990 में हुए अतिक्रमण को इस एक्ट के दायरे में लाकर इसे नियमित करने का फैसला लिया गया था। इससे कश्मीर छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में जाकर बसने वालों को अतिक्रमित हुई जमीन वापस मिलने का रास्ता बंद हो गया था। वर्ष 2005 में मुफ्ती मोहम्मद सईद की नेतृत्व वाली पीडीपी सरकार ने योजना का दायरा वर्ष 2000 तक करते हुए कब्जों को सीमित कर दिया था। इसके बाद गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे 2007 तक सीमित किया था।

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