कलेक्टर का आदेश- कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन नहीं करने पर वॉलिंटियर्स बनना होगा

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सख्ती करने की तैयारी कर ली गई है। यहां पर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, बिना मास्क और लॉकडाउन के प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर जुर्माना के साथ अब कोरोना वॉलिंटियर्स बनना होगा। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि प्रोटोकाॅल का पालन नहीं करने वालों को अब कोरोना वॉलिंटियर्स के रूप में ड्यूटी करना होगा। इसके बाद सजा के दौरान लोगों को कोरोना को लेकर जागरूक करने से लेकर सर्वे तक के कार्य करना होगा। यह निर्णय सोमवार को मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुलाई गई आपात बैठक में लिया गया।
भोपाल में बीते एक सप्ताह से लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बीते दिनों में लगातार 50 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। रविवार को तो 74 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दो दिन से लगातार 4 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी हैं। ऐसे में अब प्रशासन इसको लेकर सख्ती के साथ ही कुछ नया करने की कोशिश में लग गया है, ताकि लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया जा सके।

1 लाख 84 हजार से अधिक लोगों का सर्वे किया गया
भोपाल में विगत 2 दिनों में गैस प्रभावित क्षेत्रों के सभी वार्डो में महा सर्वे अभियान चलाया गया। इस महा सर्वे अभियान के अंतर्गत 1 लाख 84 हजार से ज्यादा लोगों का सर्वे किया गया। इसमें से 1557 लोगों के कोविड सैंपल भी लिए गए। भोपाल में 1 जुलाई के पहले ही किल कोरोना अभियान का कार्य किया जा चुका था। अब इसके दूसरे चरण में लोगों के सर्वे किए जा रहे हैं। इसमें कोरोना के साथ ही मलेरिया और डेंगू के फैलने से रोकने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

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