कर्जमाफी के पन्ने को बैठक में बिना किसी चर्चा के पलटा; कृषि मंत्री ने कर्जमाफी को बताया कमलनाथ का सबसे बड़ा धोखा, कहा- पड़ताल करेंगे

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आधी अधूरी कर्जमाफी को लेकर परेशान बैंक और किसानों के विषय पर कोई चर्चा ही नहीं की। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक के तैयार एजेंडे में कोरोना के बाद कर्जमाफी ही अहम मुद्दा था। जब चर्चा एजेंड के पेज 22 पर पहुंची, जहां बैंकों ने कर्जमाफी से बढ़ते एनपीए के साथ राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पहले चरण की ही कर्जमाफी का पैसा न मिलने की बातें लिखी थी तो अफसरों ने एसएलबीसी के समन्वयक एसडी माहुरकर को पन्ना बढ़ाने को कह दिया।

हालांकि कृषि मंत्री कमल पटेल ने मंगलवार को पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई कर्जमाफी को किसानों के साथ धोखाधड़ी करार दिया। कहा कि राज्य सरकार योजना में हुए पक्षपात की पड़ताल करके कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। इधर, पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि भाजपा को साफ करना चाहिए कि वे कर्जमाफी को आगे बढ़ाएंगे या नहीं।
सेना के हौसले पर सवाल खड़ा कर रहे राहुल, शर्म आनी चाहिए : चौहान

इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश की सेना के हौसले को लेकर सवाल खड़ा करने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा है। चौहान ने कहा कि भारत की सेना के हौंसले पर सवाल खड़ा करने वाले ऐसे नेता के बारे में क्या कहा जाए। ऐसे नेता पर शर्म आती है। राहुल गांधी सेना को हतोत्साहित कर रहे हैं। सेना का अपमान कर रहे हैं। कांग्रेस किस हद तक गिर गई कि उसे ऐसे समय पर भी घटिया राजनीति याद आ रही है।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि राहुल जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए देश के प्रधानमंत्री को सच्चाई बताने का आग्रह कर रहे हैं तो यह उनका कर्तव्य है। शर्म तो चौहान को पीएम नरेंद्र मोदी के उस बयान पर आना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारी सरजमीं पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है।

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