कमलनाथ का भाजपा पर गंभीर आरोप:हार होते देख भाजपा फिर जोड़-तोड़ करने लगी है.. विधायक मुझे फोन करके बता रहे हैं

पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव के परिणामों के पहले भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि उपचुनावों में जनता द्वारा सच्चाई का साथ देने के कारण अपनी हार को सुनिश्चित देखकर भाजपा घबरा गई है और येन-केन प्रकारेण सरकार में बने रहने के लिए सौदेबाजी और बोलियां लगाना फिर से शुरू कर दिया है। कमलनाथ ने कहा कि उनके पास कांग्रेस के विधायकों और निर्दलीय विधायकों की तरफ से फोन करके ये जानकारी दी जा रही है कि भाजपा के लोग उनसे संपर्क करके तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं।

असल में, शुक्रवार को बसपा विधायक संजीव कुशवाह के भाजपा को समर्थन देने की घोषणा और नारायण त्रिपाठी और सुरेंद्र सिंह शेरा के चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह से मिलने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बता दें कि विधानसभा की 28 सीटों पर 3 नवंबर को चुनाव हुए हैं, जिसके परिणाम 10 नवंबर को आएंगे। उसके पहले सियासी घमासान शुरू हो गया है।

कमलनाथ ने कहा कि ‘भाजपा यह समझ ले कि इस प्रदेश की जनता ने सौदेबाजी और बोलियों से बनी सरकार को अस्‍वीकार कर दिया है। 10 नवंबर को उप चुनाव के परिणाम इस बात को सिद्ध करेंगे कि प्रदेश की जनता ने सौदेबाजी की सरकार को नकार दिया है।’

कमलनाथ ने चेतावनी दी कि ‘अगर भाजपा ने सरकार में टिके रहने के लिए मध्‍य प्रदेश की पहचान और जनता के सम्‍मान को कलंकित करने की सौदेबाजी की तो जनता के साथ मिलकर लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस आक्रमक आंदोलन और प्रतिरोध करेगी। किसी भी स्थिति में सौदेबाजी की सरकार को मध्‍यप्रदेश में स्‍वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश में जनता की सरकार को स्थापित करने के लिए सौदेबाजी और बोली लगाने वालों को मुहं तोड़ जवाब दिया जाएगा।’

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि शुचिता की राजनीति की बात करने वाली भाजपा को चुनाव परिणाम के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ेगा लेकिन जो आचरण आज की भाजपा और उनके नेताओं का है, उनसे नैतिकता की उम्‍मीद मध्‍यप्रदेश की जनता को नहीं है। आज की भाजपा तो नैतिकता से कोसों दूर जा चुकी है। मार्च 2020 से भाजपा ने अपने आचरण से यह स्‍वयं सिद्ध किया है। अब फिर से सरकार में बने रहने के लिए मतदान के बाद अनैतिक और प्रदेश को कलंकित करने की राजनीति भारतीय जनता पार्टी ने शुरू कर दी है।

कमलनाथ ने कहा कि ‘मतदान के पहले भाजपा ने पुलिस, प्रशासन, रुपया, शराब और विभिन्‍न प्रलोभन सामग्री का दुरुपयोग कर मतदान को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया और जब इससे भी सफल होते नहीं दिख रहे हैं तो फिर से सौदेबाजी की राजनीति पर उतर आए हैं।’

कमलनाथ ने कहा कि ‘आगामी 10 नवंबर को आने वाला जनादेश यह सिद्ध करेगा कि सौदेबाजी के माध्यम से बनने वाली सरकारें जनता खारिज करती है। यह जनमत उन अधिकारियों के लिए भी चेतावनी होगा जो संवैधानिक दायित्वों का अतिक्रमण कर राजनैतिक एजेंडे के लिए काम करने हेतु किसी भी सीमा तक जाने के लिए उतावले रहे हैं।’

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