कमलनाथ का आदिवासी कार्ड:बाला बच्चन हो सकते हैं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, कमलनाथ ने बढ़ाया नाम; डॉ गोविंद सिंह- जीतू पटवारी पिछड़े

भोपाल. ​​​​​​कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बाला बच्चन मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बच्चन का नाम आगे बढ़ाकर आदिवासी कार्ड खेला है। इस बीच कुछ युवा विधायकों ने पूर्व मंत्री उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए हाई कमान को पत्र भेजे हैं। ऐसे में इस पद की रेस में शामिल पूर्व मंत्री डा.गोविंद सिंह और जीतू पटवारी लगभग बाहर होते दिखाई दे रहे है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच बाला बच्चन के नाम पर सहमति बन गई है और हाईकमान ने भी उस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 दिसंबर से शुरू होगा। इससे पहले कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष की औपचारिक घोषणा कर देगी। बता दें कि कमलनाथ के करीबी बाला बच्चन वर्ष 2013 से 2018 तक कांग्रेस विधायक दल के उपनेता की भूमिका निभा चुके हैं।

वर्तमान में कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी हैं। माना जा रहा है कि वे अब नेता प्रतिपक्ष के पद से मुक्त होंगे और उनके स्थान पर नया नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना है। प्रदेश के आदिवासी नेता बाला बच्चन को लेकर सभी वरिष्ठ नेता सहमत हो गए है। अगर अब कोई और अड़चन नहीं आती है तो यह माना जा रहा है कि बाला बच्चन मध्यप्रदेश विधानसभा के नए नेता प्रतिपक्ष बन जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ का एकाधिकार लगातार बना रहेगा।

आदिवासी नेता जमुना देवी रह चुकीं हैं नेता प्रतिपक्ष

आदिवासी नेता जमुना देवी नेता प्रतिपक्ष रह चुकी हैं। 12वीं विधानसभा में वर्ष 2003 से 2008 तक जमुना देवी ने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इसके बाद 13 वीं विधानसभा में 7 जनवरी 2009 को जमुना देवी पुन: नेता प्रतिपक्ष बनीं। लेकिन यह कार्यकाल 9 माह का ही रहा। उनके निधन के बाद यह पद करीब छह माह खाली रहा। इसके बाद 15 जनवरी 2011 अजय सिंह नेता प्रतिपक्ष बने थे।

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