एक माह में तुअर दाल 30 रुपए किलो से ज्यादा महंगी; अतिवृष्टि से फसल खराब, दाल मिलों के आयात लाइसेंस भी अटके

अतिवृष्टि से दालों का उत्पादन घटने की आशंका और दाल आयातकों को उनके कोटे की दाल मंगाने के लिए लाइसेंस जारी करने में हो रहे विलंब के कारण पिछले एक माह में दालों के दामों में 30% से 32% की तेजी आ गई है। भोपाल के थोक बाजारों में 80-85 रुपए किलो तक बिक रही दाल अब 115-120 रुपए किलो के आसपास चली गई है। जानकारों का कहना है कि पांच वर्ष बाद दालों के दामों में यह तेजी देखने को मिल रही है। 2015 में दालों के दाम 200 रुपए किलो के स्तर के पार हो गए थे। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन (एआईडीएमए) के चेयरमैन सुरेश अग्रवाल कहते हैं, सरकार ने तो मार्च में ही यह तय कर लिया था कि दालों की मांग पूरी करने के लिए आयात करना पड़ेगा।

इसके लिए लक्ष्य तय कर दिए गए थे। हर दाल मिल संचालक के लिए 142 मीट्रिक टन तुअर दाल के आयात का कोटा तय किया गया था। इसके बाद मई माह में मप्र के 200 दाल मिल संचालकों समेत देश के सैकड़ों मिल संचालकों ने कीनिया, जिंबाब्वे, मलावी और म्यांमार जैसे देशों में आयात के सौदे कर लिए थे। यह माल जुलाई से देश के बाजारों में आना था। लेकिन मुंबई स्थित डॉयरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने आयात के लाइसेंस ही नहीं जारी किए। लाइसेंस के आवेदन मई में ही कर दिए गए थे। यह लाइसेंस अब तक व्यापारियों को नहीं मिले। नतीजतन व्यापारी अपने विदेशी व्यापारियों से सौदे खत्म करने में लगे हैं। अग्रवाल ने आशंका जताई कि लाइसेंस जारी करने में हो रहे विलंब के कारण दालों के दाम इसी तरह बढ़ते रहेंगे।

तुअर दाल के दामों में तेजी है। एक माह में थोक बाजारों में ही दाम 20 रुपए किलो तक बढ़ चुके हैं। यह तेजी फुटकर बाजारों में 30 रुपए किलो तक हो सकती है।
मोतीराम वाधवानी, अध्यक्ष, मप्र दाल-चावल एसोसिएशन

उत्पादन और मांग का गणित

सरकार का दाल उत्पादन का लक्ष्य 2.63 करोड़ टन था। लेकिन बारिश में फसलों के खराब होने से करीब 10% या 26.5 लाख मीट्रिक टन दाल खराब हो गई। इसके बाद अब उत्पादन का अनुमान घटकर 2.35 करोड़ मीट्रिक टन ही होने की संभावना है।
देश दाल की कुल खपत 2.5 करोड़ मीट्रिक टन की है। दाल की मांग को पूरा करने के लिए अब सरकार को 30 लाख मीट्रिक टन दाल का आयात करना है। आयात का लक्ष्य 13.4 लाख टन तय किया है। इसमें 4 लाख टन अरहर की दाल आयात की जानी थी।
(- इंडियन पल्सेस और ग्रेन एसोसिएशन (आईपीजीए) के अनुसार)
इस तरह बढ़े दाम

थोक बाजारों में तुअर दाल मीडियम के दाम 85-100 रुपए किलो के आसपास चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त उच्च गुणवत्ता की तुअर दाल 115-120 रुपए किलो तक बिक रही है।
फुटकर बाजारों में तुअर दाल के दाम 110 रुपए प्रति क्विंटल से 130 रुपए क्विंटल चल रहे हैं। भोपाल जिला प्रशासन ने जो तुअर दाल के दाम उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्राइस कंट्रोल सेल के रिपोर्ट किए हैं। वह 95 रुपए ही हैं। इसमें एक माह में तुअर दाल के दाम 10 रुपए बढ़ना बताया गया है।

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