उज्जैन शराब कांड में गर्माई सियासत:कमलनाथ का शिवराज पर हमला; कहा- सरकार का माफियाओं से इतना प्रेम क्यों? एसआईटी के जवाब में कांग्रेस की जांच टीम बनी

उज्जैन में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद अब इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘आपकी सरकार का माफ़ियाओं से आख़िर इतना प्रेम क्यों? क्यों इन्हें बख्शा जा रहा है? क्यों इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है? सरकार का माफियाओं से इतना प्रेम क्यों है? वहीं कमलनाथ ने विधायक महेश परमार समेत 4 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो उज्जैन जाकर वहां पीड़ित परिवार से मिलेगी और जांच करके रिपोर्ट कमलनाथ को सौंपेगी।

इधर, शिवराज सरकार इस मामले में सख्त एक्शन लिया है। उज्जैन में खाराकुआं थाना प्रभारी और एसआई समेत चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही एसआईटी का गठन किया है, जो जांच करेगी। इसके साथ ही एक और कमेटी अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।

एसआईटी के जवाब में कांग्रेस की जांच कमेटी
उज्जैन की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जांच टीम बनाई है। जो मौक़े पर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलकर इस पूरे मामले की जांच कर कमलनाथ को रिपोर्ट सौंपेगी। इस टीम में विधायक महेश परमार, मनोज चावला, दिलीप गुर्जर और मुरली मोरवाल को शामिल किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से शराब माफ़ियाओ के व अवैध शराब के कारोबार की निरंतर शिकायतें मिल रही है। हमारी सरकार जाते ही ये माफिया वापस बेख़ौफ़ होकर सक्रिय हो गये है। हमारी सरकार ने इन्हें कुचला था और भाजपा सरकार इन्हें संरक्षित कर रही है। पूरी सरकार उपचुनावों में लगी हुई है।

शिवराज ने जनता को भगवान भरोसे छोड़ा
जनता को भगवान मानने वाले शिवराज जी ने जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। क़ानून व्यवस्था की स्थिति दिन पर दिन लचर होती जा रही है। बहन- बेटियों के साथ प्रतिदिन दरिंदगी की घटनाएं घटित हो रही है। सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। ये माफिया बेगुनाह लोगों की जान ले रहे है। हमारी सरकार के माफिया मुक्त प्रदेश बनाने के अभियान को भाजपा सरकार ने रोक दिया है लेकिन कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, माफियाओं और मिलावटखोरों से प्रदेश को मुक्त करने का हमारा अभियान बंद नहीं होने देंगे, इसके लिए सड़कों पर संघर्ष करेंगे।

क्या है मामला

उज्जैन में तीन थाना इलाकों में बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक 24 घंटे के अंदर 11 मजदूरों की मौत हो गई। बुधवार काे 7 मजदूरोंं की माैत के बाद गुरुवार को 4 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को सुबह नरसिंह घाट क्षेत्र और ढाबा राेड क्षेत्र से भी दाे मजदूरों के शव मिले। मजदूर शराब के आदी थे। कहारवाड़ी क्षेत्र से सस्ती झिंझर (पोटली) शराब खरीदकर पिया करते थे। आशंका है कि ज्यादा शराब पीने से इनकी मौत हो गई। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

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