इंदौर में 8 मिनट में लग्जरी कार चुराई

इंदौर में लग्जरी कार चुराने वाला गैंग एक्टिव है। 15 दिन में ही राजेंद्र नगर इलाके के स्कीम नंबर-103 में 4 क्रेटा कार चोरी जा चुकी हैं। हुंडई क्रेटा की कीमत 10.16 लाख से शुरू होकर 17.87 लाख तक है। मंगलवार को ही यहां IT कंपनी के मालिक भरत आहूजा की 14 लाख की क्रेटा कार चोरी चली गई। चोरी करने वाले चोर खुद क्रेटा कार से आए थे। कार में एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम भी था, लेकिन एक्सपर्ट चोरों ने कार के सारे सिक्योरिटी सिस्टम को हैक कर डिसेबल कर वारदात की।

एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम होने के बाद भी चोरों ने कार कैसे चुराई? पुलिस ने 3 घंटे में कार कैसे बरामद की? कार को और किस तरीके से सेफ रख सकते हैं? ये हमने एक्सपर्ट से जाना, लेकिन उससे पहले ये जानते हैं कि चोरों ने कार चुराई कैसे…

सॉफ्टवेयर से डिसेबल किए सारे सिक्योरिटी फीचर्स
स्कीम नंबर-103 में रहने वाले भरत आहूजा की कार बंगले के बाहर खड़ी थी। सुबह 5.05 बजे चोर सिर्फ 8 मिनट में कार चुरा ले गए। भरत के भाई पुनीत आहूजा सुबह 6 बजे अपने बेटी को स्कूल बस में बैठाकर वापस लौटे, तब ध्यान गया कि कार तो है ही नहीं। CCTV फुटेज देखे। दो क्रेटा कार से ही आते दिखाई दिए।

थाना प्रभारी अमृता सोलंकी के मुताबिक, तीन चोरों में एक चोर कार के पास टैबलेट के साथ नजर आ रहा है। उसके साथी ने मास्टर चाबी की मदद से कार को बड़ी आसानी से खोला। कार में मास्टर चाबी लगा दी। इससे सिक्योरिटी सायरन नहीं बचा। स्टेयरिंग के पास लगे इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स को केबल से जोड़ा। सबसे पहले टैबलेट में इंस्टॉल सॉफ्टवेयर के जरिए कार के सिक्योरिटी सिस्टम को कनेक्ट किया। फीचर्स हैक कर सारे सिक्योरिटी सिस्टम डिसेबल करके चोरी कर ले गए।

3 घंटे के अंदर ऐसे बरामद की कार
इस केस में अच्छी बात यह रही कि राजेंद्र नगर पुलिस ने समय पर सूचना मिलते ही 3 घंटे के अंदर कार बरामद कर ली। दरअसल, इससे पहले भी इसी इलाके से 4 क्रेटा कार चोरी जाने की शिकायत पुलिस को मिल चुकी थी। पुलिस इस केस की इन्वेस्टिगेशन पहले से ही कर रही थी और किस रास्ते चोर गैंग भागती थी, इसका मैप पुलिस ने पहले से तैयार कर रखा था। सुबह 7 बजे थाना प्रभारी अमृता सोलंकी के पास सूचना आ गई कि चोर धार के रास्ते आगे की ओर निकले हैं। इसके बाद सूचना मिली कि मंदसौर जिले में कार दिखाई दी, लेकिन चोरों ने नंबर प्लेट बदल दी थी। दलोदा गांव के पास एक क्रेटा कार दिखी। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया। कड़ाई से पूछताछ की तो कार चोरी की निकली। आरोपी को अरेस्ट कर लिया। इंदौर लाकर उससे पूछताछ की जा रही है। कार की पहचान मालिक ने इंदौर में की। उसने बताया कि कार टॉप एंड माडल है। इसे 2019 में खरीदा था।

एक्सपर्ट की राय
इंजीनियर संदीप परिहार ने बताया कि अभी सभी कार में इंजन इम्मोबीलाइजर फीचर आता है। इससे यह होता है कि जब आप कार में चाबी लगाते हैं तो चाबी, डैशबोर्ड पर लगे सभी मीटर की सेटिंग मैच होने पर ही कार स्टार्ट होती है। चोरों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। दिल्ली-मुंबई में कार की इस तरह की प्रोग्रामिंग को बंद करने वाले कई तरह के सॉफ्टवेयर 15 से 20 हजार रुपए में मिल जाते हैं। इसे टैबलेट या लैपटॉप में इंस्टॉल कर रख सकते हैं। इसी सॉफ्टवेयर की मदद से चोर कार के सिक्योरिटी सिस्टम को डीकोड कर देते हैं।

इस तरह से बचा जा सकता है
संदीप की राय है कि वर्तमान में 50 लाख से ऊपर की कार मॉडल्स में यह फीचर आ रहा है। इसकी मदद से आप अपने मोबाइल पर की कार की लोकेशन देख सकते हैं। यहां तक कि उसके इंजन को भी बंद कर सकते हैं। यह GPS आप अपनी किसी भी गाड़ी में 10 हजार में लगवा सकते हैं। इससे इंजन को कनेक्ट कर दिया जाता। मोबाइल पर गाड़ी की लोकेशन ट्रैक करने के साथ उसे कहीं से भी बैठे-बैठे आप इंजन बंद कर सकते हैं।

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