असम के CM बोले-BJP नहीं चाहती मुस्लिम कई शादियां करें

हम 25 बच्चे पैदा करने को तैयार, लेकिन खर्च अजमल उठाएंगे

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि प्रवासी मुस्लिम के बच्चे मदरसों में पढ़कर जुनाब, इमाम बनने के बजाय डॉक्टर और इंजीनियर बनें। अगर असमिया हिंदू परिवारों के डॉक्टर हैं तो मुस्लिम परिवारों के भी डॉक्टर होने चाहिए।

सरमा ने गुरुवार को कहा-कई विधायक ऐसी सलाह नहीं देते क्योंकि उन्हें ‘पोमुवा’ मुसलमानों के वोट चाहिए। सरमा मोरीगांव में एक जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “हमारी नीति साफ है, हम सभी का विकास चाहते हैं। हम ये नहीं चाहते कि मुस्लिमों के बच्चे खासकर ‘पोमुवा’ मुस्लिम मदरसों में पढ़ने जाएं और वहां से ‘जुनाब’ और ‘इमाम’ बनकर निकलें।”

बता दें कि पूर्वी बंगाल या बांग्लादेश से आए बंगाली भाषी मुसलमानों को असम में ‘पोमुवा मुस्लिम’ कहा जाता है।

BJP नहीं चाहती मुस्लिम युवक कई शादियां करें
सरमा ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को कम उम्र में शादी करने और बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी। सरमा ने कहा, “भारत में रहने वाले पुरुष को तीन-चार महिलाओं से शादी करने का अधिकार नहीं है जब तक वह पहली पत्नी को तलाक नहीं दे देता। अगर मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता है, तो लड़के भी ऐसा क्यों नहीं करते?

तो फिर अजमल ही उठाएंगे बच्चों का खर्च…
महिलाओं पर अजमल के विवादित बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा- असम में, हमारे पास बदरुद्दीन अजमल जैसे कुछ नेता हैं। वे कहते हैं कि महिलाओं को जल्द से जल्द बच्चों को जन्म देना चाहिए क्योंकि वह एक उपजाऊ खेत की तरह हैं।

  • महिला के प्रसव की तुलना किसी खेत से नहीं की जा सकती है। मैंने बार-बार कहा है कि महिलाएं 20-25 बच्चों को जन्म दे सकती हैं, लेकिन उनका खाना, कपड़ा, पढ़ाई और अन्य सभी खर्च अजमल को वहन करना होगा। फिर, हमें कोई समस्या नहीं है।
  • परफ्यूम कारोबारी से लोकसभा सांसद बनकर भी बच्चों का खर्चा नहीं दे सकते हैं तो किसी को बच्चे के जन्म पर व्याख्यान देने का अधिकार नहीं है। हम केवल उतने ही बच्चे पैदा करेंगे, जिन्हें हम पेट भरकर खिला सकें और उन्हें बेहतर इंसान बना सकें।

अब पढ़िए बदरुद्दीन अजमल ने क्या कहा था
धुबरी सांसद अजमल ने 2 दिसंबर को एक इंटरव्यू में ‘लव जिहाद’ पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी। अजमल ने कहा था, ”40 साल की उम्र के बाद वे माता-पिता के दबाव में शादी करते हैं। इसलिए, कोई कैसे उम्मीद कर सकता है कि वे 40 के बाद बच्चे पैदा करेंगे? यदि आप उपजाऊ भूमि में बोते हैं तो ही आप अच्छी फसल पैदा कर सकते हैं। तभी विकास होगा।

वे (हिन्दू) भी मुसलमानों के फॉर्मूले पर चलकर अपने बच्चों की शादी 20-22 साल की उम्र में करें। लड़कियों की शादी 18-20 साल में करें और फिर देखिए कितने बच्चे पैदा होते हैं…”

हालांकि विवाद बढ़ता देखकर सांसद ने अगले दिन माफी मांग ली। अजमल बोले कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। उन्होंने किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया था।

हिमंत बिस्व सरमा के बयानों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

1. असम के CM बोले- मोदी को जिताओ, वर्ना हर शहर में आफताब होगा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुजरात में चुनाव प्रचार किया था। तब कच्छ की चुनावी रैली में उन्होंने कहा- अगर देश में कोई मजबूत नेता नहीं होगा तो हम अपने समाज की रक्षा नहीं कर पाएंगे। मोदी को जिताना बहुत जरूरी है, अगर वे नहीं जीते तो हर शहर में आफताब पैदा होगा। 

2. असम CM बोले- कांग्रेस के एक नेता सद्दाम हुसैन जैसे दिखने लगे हैं

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अहमदाबाद की रैली में राहुल गांधी के लुक पर तंज कसा था। उन्होंने कहा- कांग्रेस के एक नेता का लुक बदल गया है, जिसके बाद वह सद्दाम हुसैन की तरह दिखने लगे हैं। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ दिन पहले एक टेलीविजन इंटरव्यू में देखा कि राहुल गांधी को नए लुक से दिक्कत नहीं हैं।’

3.राहुल गांधी दाढ़ी साफ करें तो नेहरू जैसे दिखेंगे

​​राहुल गांधी के दाढ़ी की तुलना ईराक के तानाशाह रहे सद्दाम हुसैन से करने को लेकर सफाई दी है। सरमा ने कहा- मैंने राहुल गांधी के लुक के बारे में कुछ नहीं कहा। मैंने बस इतना कहा कि अभी अगर आपको सद्दाम के साथ बैठा दें तो एक जैसा लगेगा। लेकिन अगर आप अपनी दाढ़ी मुंडवाएंगे तो आप नेहरू की तरह दिखने लगेंगे।

 

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