अब तक 5 हजार 948 केस: आज पंजाब में 6 और झारखंड में 5 नए मामले सामने आए; कल एक दिन में सबसे ज्यादा 96 मरीज ठीक हुए

नई दिल्ली. कोरानावारस संक्रमण के बुधवार को सबसे ज्यादा 95 मरीज ठीक हुए। इससे एक दिन पहले ही 75 मरीज ठीक हुए थे। एक दिन में संक्रमण के मामलों में भी 8 अंकों की मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 565 रहा। देश में अब इस बीमारी के कुल 5 हजार 948 मरीज हो गए हैं। सबसे ज्यादा 117 नए मामले महाराष्ट्र में और इसके बाद 96 दिल्ली में आए हैं। ये आंकड़े covid19india.org वेबसाइट के मुताबिक हैं। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार सुबह बताया कि देश में कुल संक्रमितों की संख्या 5 हजार 734 हो गई है। इनमें से 472 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 166 की मौत हो चुकी है।

वायरस के फैलाव को रोकने के लिए दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और उत्तरप्रदेश में घर से निकलने पर मुंह पर कपड़ा बांधना या मास्क लगाना जरूरी कर दिया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि चेहरे पर मास्क पहनने से कोरोनावायरस के प्रसार को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। आप कपड़े के मास्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हाइड्रोक्सीक्लोक्वीन से निर्यात प्रतिबंध हटाने पर ट्रम्प ने मोदी को धन्यवाद दिया
कोरोना के इलाज में कारगर मानी जाने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर से आंशिक प्रतिबंध हटाए जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। ट्रम्प ने कहा कि वे इसे कभी नहीं भुला पाएंगे। उन्होंने कहा कि आपके मजबूत नेतृत्व से न सिर्फ भारत को, बल्कि इस चुनौती से लड़ रही मानवता को मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए पैकेज को मंजूरी

केंद्र ने राष्ट्रीय और राज्य स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र के आर्थिक सहयोग वाले नए पैकेज को मंजूरी दे दी है। इसका नाम ‘भारत कोविड-19 आपातकालीन और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज’ है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक वंदना गुरनानी ने बताया कि यह मार्च 2024 तक 3 चरणों में लागू किया जाएगा।

उम्रदराज और ज्यादा संक्रमण के खतरे वालों की जांच को प्राथमिकता
सरकार की ओर से बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि चेन ऑफ ट्रांसमिशन तोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कदम उठा रही हैं। सरकार भविष्य में कभी हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की कमी नहीं होने देगी। देश में बन रहे कोरोना के अलग-अलग हॉटस्पॉट पर लॉकडाउन की सख्ती बढ़ाई गई है। एक गलती भारी नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ लोगों में शुरुआती चरण में कोरोना के लक्षण नहीं मिलते यह चिंताजनक है। अभी कहा नहीं जा सकता है कि कहां पर मामले ज्यादा हैं। देश में जहां एक भी मौत होती है उसे हम गंभीरता से ले रहे हैं। उम्रदराज और संक्रमण का ज्यादा खतरा होने वालों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

डॉक्टरों पर हमले पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने देश के कई हिस्सों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमले और उनसे दुर्व्यवहार की खबरों पर बुधवार को संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के मन में डर बैठ रहा है। राज्य सरकारों और पुलिस-प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि जिन जगहों पर कोरोना के मरीज पाए गए हैं या जहां क्वारैंटाइन किए गए लोगों को रखा गया है, वहां लोगों की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचने वाले मेडिकल स्टाफ को जरूरी सुरक्षा मुहैया कराए।

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