अब तक 4 हजार 405 मामले: प्रधानमंत्री, केंद्र के सभी मंत्रियों और सांसदों ने एक साल तक वेतन का 30% नहीं लेने का फैसला किया

नई दिल्ली. कोरोना संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों और सभी दलों के सांसदों ने एक साल तक अपने वेतन का 30% हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। कैबिनेट ने सोमवार को इस संबंध में एक अध्यादेश जारी किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और राज्यपालों ने भी अपनी सैलरी में 30% की कटौती करने की पेशकश की है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोमवार को कोरोना को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट की बैठक की। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक के दौरान एक-दूसरे से दूर बैठे नजर आए।

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा- 10 फैसले और 10 प्राथमिकताओं की लिस्ट बनाएं
प्रधानमंत्री ने आज केंद्रीय मंत्रियों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 फैसलों और 10 प्राथमिकताओं की एक सूची बनाएं। प्रधानमंत्री ने काह कि अाप सभी की ओर से लगातार मिल रही प्रतिक्रियाएं इस आपदा से निपटने की रणनीति बनाने में प्रभावी रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कटाई के इस सीजन में किसानों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने किसानों को मंडियों से जोड़ने के लिए कैब सर्विस की तर्ज पर ऐप आधारित ट्रक सेवा उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।

आज संक्रमण के 33 मामले महाराष्ट्र से

सोमवार को देश में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 4 हजार 405 हो गई है। सबसे ज्यादा 33 मामले महाराष्ट्र में सामने आए। देश में अब तक कोरोना से 132 मौतें हुई हैं, इनमें सबसे ज्यादा 46 महाराष्ट्र में ही हुई हैं। ये आंकड़े covid19india.org वेबसाइट के मुताबिक हैं। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार सुबह 9 बजे तक संक्रमितों की संख्या 4 हजार 67 है। इनमें से 291 ठीक हो चुके हैं, जबकि 109 मरीजों की मौत हुई है।

आईसीएमआर को 2 दिन में 7 लाख रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट मिलेंगी

कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को 8 अप्रैल तक विदेश से 7 लाख रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट मिल जाएंगी। इनसे उन क्षेत्रों में कोरोना जांच में मदद मिलेगी, जहां संक्रमण के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि पहले फेज में 5 लाख किट आएंगी। इस किट के जरिए खून की एक बूंद से 5 से 10 मिनट के अंदर कोराना टेस्ट किया जा सकता है।

एम्स के डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा
एम्स के डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें पीपीई, मास्क और अन्य संसाधनों की कमी का जिक्र किया गया है। उनका कहना है कि कई डॉक्टर, नर्स और फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं रख रहे हैं। इनका निराकरण करने की बजाय अफसर उन्हें परेशान कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह कोरोना से लड़ रहे इन सैनिकों को सुनें। उनके विचारों का सम्मान करें। आप खुद एक एक्टिव सोशल मीडिया यूजर हैं। ऐसे में आप इस परिस्थिति हो समझ सकते हैं।

अहम अपडेट्स…

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज के चांसलर को पत्र लिखकर हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का आदेश दिया है। इसमें कहा गया है कि छात्रों के दिमागी स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर और उनकी मानसिक चिंताओं का समाधान किया जाए।
अमेरिका में बाघ में कोराना संक्रमण मिलने के बाद भारत में सभी चिड़ियाघरों को हाईअलर्ट किया गया है। साथ ही सलाह दी गई है कि सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे और सातों दिन जानवरों के व्यवहार पर नजर रखी जाए।
मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग ने कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में 52 करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की है।

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