अंकिता मर्डर केस, रिसॉर्ट में लड़कियां लाता था पुलकित

पूर्व महिला कर्मचारी ने कहा- मुझे पति से अलग कर अपने रूम में बुलाना चाहता था

उत्तराखंड में 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर रिसॉर्ट में काम कर चुकी पूर्व महिला कर्मचारी ने बड़ा खुलासा किया है। उसका कहना है कि रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता लड़कियों से बदसलूकी करते थे। पूर्व कर्मचारी ने कहा, ‘मैंने वनंतरा रिसॉर्ट मई में जॉइन किया था, लेकिन जुलाई में नौकरी छोड़ दी थी। पुलकित आर्य और अंकित गुप्ता रिसॉर्ट में लड़कियां लाते थे, वहां VIP भी आते थे। वहां बहुत घिनौनी हरकतें होती थीं।’

लड़के-लड़कियों के नाम तक रजिस्टर नहीं होते थे
देहरादून की रहने वाली इस पूर्व महिला कर्मचारी ने बताया कि मैं वहां फ्रंट ऑफिस में रीसैप्शनिस्ट थी। पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य लड़कियों के साथ गंदी हरकतें करता था। उन्हें गंदी गालियां भी देता था। रिसॉर्ट में संदिग्ध लड़के-लड़कियां आते थे। पुलकित रजिस्टर में उनकी एंट्री करने से मना कर देता था। कई बार वह इन लड़के-लड़कियों के साथ गांजा पीता था।

पुलकित की पत्नी ने रिसॉर्ट के बदले घर में काम करने का ऑफर दिया
महिला ने कहा कि एक बार पुलकित की पत्नी रिसॉर्ट आई थी और उसने घर में काम करने को कहा। मैं घर गई लेकिन कुछ ही दिनों में वहां से वापस रिसॉर्ट आ गई। दरअसल, पुराने रीसैप्शनिस्ट का मैनेजर सौरभ भास्कर से झगड़ा हुआ था। वह काम छोड़कर चला गया। उसका काम मेरे पास आ गया।

अपने पति के साथ रिसॉर्ट में जॉब करने गई थी महिला
महिला ने बताया कि मेरे पति मेरठ से हैं। मैं अपने पति के साथ पुलकित के रिसॉर्ट में काम करने गई थी। मैं रिसेप्शन पर और मेरे पति रूम चेकिंग का काम करते थे। क्या आपके ऊपर भी गंदे काम करने का दबाव बनाया गया? इस सवाल पर महिला ने कहा कि मेरे ऊपर दबाव तो नहीं बनाया, लेकिन मेरे बारे में भी यही सोचा गया था।

पुलकित ने मुझे पति से अलग कर अपने रूम में बुलाने की कोशिश की
पुलकित आर्य ने एक बार स्टाफ से कहा था कि मुझे पति से अलग करे और उसके रूम में भेजे। महिला कर्मचारी ने इससे इनकार कर दिया और कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर चली आई। हालांकि मैंने इसकी कभी शिकायत नहीं की। हालांकि महीनेभर काम करने के बाद मैंने और मेरे पति ने नौकरी छोड़ दी।

पुलकित, सौरभ और अंकित ने वापस लौटने का दबाव बनाया
नौकरी छोड़ने के बाद पुलकित, सौरभ और अंकित ने वापस नौकरी पर लौटने के लिए मुझ पर काफी दबाव बनाया। तीनों ने कई बार कॉल किए। वे कहते थे कि आप आइए काम कीजिए। आपकी सैलरी बढ़ा देते हैं। यहां जो पहले होता था, अब नहीं होगा। हम एक हफ्ते बाद दोबारा काम पर चले गए। कुछ दिन उनका व्यवहार ठीक रहा। बाद में वे फिर हमसे दुर्व्यवहार करने लगे।’

दोबारा नौकरी छोड़ने की बात कही तो चोरी का इल्जाम लगाया
डेढ़ महीने पूरे हुए तो हमने सैलरी के बारे में बोला। हमने कहा कि हमें सैलरी दे दीजिए हम जॉब छोड़कर जाना चाहते हैं। कुछ दिन बाद उन्होंने हम पर स्पीकर चुराने का आरोप लगा दिया। मेरे साथ मारपीट की। मैंने हरिद्वार और ऋषिकेश पुलिस को फोन किया। पुलिस ने कहा कि वह एरिया पटवारी के क्षेत्र में आता है। हम उनका नंबर दे देते हैं, आप उनसे बात कर लीजिए।

पटवारी और पुलकित की दोस्ती थी, हमें बुलाकर मारपीट की गई
हमने पटवारी को फोन किया। उसकी पुलकित आर्य से दोस्ती थी। उसने हमसे कहा कि मैं रिसॉर्ट में आ गया हूं। आप आ जाइए। हम वहां पहुंचे तो उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दीं। चोरी का आरोप लगाकर कहा कि आप इतनी दूर से ऐसा काम करने आते हो। मैंने कहा कि मेरी यहां सैलरी 25-30 हजार बनती है, ये मुझ पर 1500-2000 की चोरी का आरोप लगा रहे हैं।

इसके बाद भी उन्होंने हमसे मारपीट की, हमसे माफीनामा लिखवाया। ये ढाई-तीन महीने पुरानी बात है। उन्होंने हमें बंदी बना लिया था, इसलिए हम काम करते रहे।

​​​​​​​पुरुष कर्मचारी ने भी रिसॉर्ट में अवैध गतिविधियों का खुलासा किया
इधर, रिसॉर्ट के एक पूर्व पुरुष कर्मचारी ने भी रिसोर्ट के बारे में कई खुलासे किए हैं। उसने वहां कई लोगों के आने और बंद कमरों में होने वाली गतिविधियों की तरफ इशारा किया है। इस कर्मचारी ने भी पुलकित आर्य के रिसॉर्ट की नौकरी छोड़ दी थी।

अंकिता मर्डर केस से जुड़े पांच अनसुलझे सवाल, क्या आग लगाकर सबूत मिटाए​​​​​

अंकिता भंडारी मर्डर केस में कई पहलू गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।​​​​​​​ इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा की महिला विधायक रेणु बिष्ट बेहद सक्रिय रहीं। रिसॉर्ट से लेकर मॉर्चुरी तक उनकी मौजूदगी से सवाल उठे। वे तभी हटीं, जब नाराज लोगों ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। सवाल रिसॉर्ट में आगजनी को लेकर भी हैं। वहीं, अंकिता के पिता ने आरोप लगाया था कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर वहां मौजूद सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

पूर्व मंत्री के बेटे ने शराब पीने के बाद अंकिता को नहर में धक्का दिया

अंकिता भंडारी 18 सितंबर से गायब थी। इसके बाद उसके पिता ने रिसॉर्ट पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की थी। बेटी का पता नहीं चलने पर उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अंकिता 17 सितंबर की रात करीब 8 बजे पुलकित आर्य, उसके रिसॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित उर्फ ​​पुलकित गुप्ता के साथ ऋषिकेश गई थी।

लौटते समय तीनों आरोपियों ने चीला रोड के किनारे शराब पी। इस दौरान अंकिता ने रिसॉर्ट में अनैतिक गतिविधियों का विरोध किया था। उसने धमकी भी दी कि वह सभी को यहां चलने वाली अनैतिक गतिविधियों के बारे में बता देगी। इस बात से गुस्साए पुलकित और उसके साथियों ने लड़की को नहर में धकेल दिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अंकिता घर केवल मातम, उसे पहली सैलरी की जगह दर्दनाक मौत मिली

अंकिता के गांव में अभी महज 50 लोग रहते हैं। 20 साल पहले यहां की आबादी करीब 200 थी। ये लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर गए। अंकिता का परिवार, दोस्त, रिश्ते सब इसी गांव में हैं। वह भी परिवार की मदद करना चाहती थीं, इसलिए 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया और काम के लिए ऋषिकेश आ गईं। पहली सैलरी मिलने से पहले ही अंकिता की जिंदगी खत्म हो गई।
‘आप गांव में किसी से भी पूछ लीजिए कि अंकिता कैसी लड़की थी। आगे बढ़ने के सपने देखती थी। लोग कह रहे हैं कि मैंने पैसे लेकर उसका अंतिम संस्कार होने दिया। ये सही नहीं है। मैं अंकिता की कसम खाकर कहता हूं।’ कई घंटे से लगातार रो रहीं अंकिता की दादी को संभालते हुए उसके पिता बीरेंद्र सिंह भंडारी ये बात कहते चले गए। घर में अब अंकिता की मां और 21 साल का भाई है। वे कहते हैं- मैं चाहता हूं कि तीनों आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा मिले।

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