Uncategorizedभोपालमध्य-प्रदेश

MP बजट सत्र का चौथा दिन:मंदसौर-नीमच के गेहूं-खाद घोटाले में शिवराज सरकार ने माना- चौकीदार ही चोर है, 4.63 करोड़ रुपए की हुई है हेराफेरी

मध्यप्रदेश बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया ने सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने सदन में कहा कि अलीराजपुर से पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान मेरी हत्या करा देंगे। मुझे धमकियां दी जा रही हैं। नाक कान काटने की धमकी दी गई। इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधायक हो या पूर्व विधायक, सब की सुरक्षा की गारंटी सरकार की है।

मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि यह सत्ता पक्ष और विपक्ष का मामला नहीं है। एक आदिवासी क्षेत्र की विधायक की सुरक्षा का मामला है। यदि कलावती भूरिया के साथ अनहोनी होती है तो पूरी सदन को शर्मसार होना पड़ेगा, इसलिए मामले को सरकार गंभीरता से लें।

सज्जन वर्मा बोले- आरोपी को गिरफ्तार करो
कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि एक महिला विधायक को जान से मारने की धमकी मिल रही है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। उन्होंने पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग रखी। इस पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि नहीं करेंगे गिरफ्तार। यह लोकल राजनीति का मामला है। सदस्य की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कांतिलाल भूरिया ने बुधवार को भी शून्य काल में मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि कलावती भूरिया ने पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

कई फर्जी कंपनियां ग्वालियर चंबल संभाग में कर रही कारोबार
बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में चिटफंड कंपनियों के अवैध कारोबार का मामला उठा। लहार से कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामला सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया, ग्वालियर चंबल संभाग में कई फर्जी कंपनियां कारोबार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जीवन सुलभ नाम की फर्जी कंपनी 53 लाख रुपए लेकर फरार हो चुकी है।

कांग्रेसी विधायक ने कहा कि यह कंपनियां हर साल पासबुक बदलकर फर्जीवाड़ा कर रही हैं। इसमें को-ऑपरेटिव सोसायटी की सांठगांठ भी सामने आ रही है। ऐसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी जांच करें और मामला EOW को सौंपा जाए। इस पर सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इसे लेकर गाइडलाइन बना रही है, ताकि ऐसी कंपनियों का रिकॉर्ड पोर्टल में दर्ज किया जा सके।

सहकारिता आयुक्त ने FIR करने के लिए भेजा पत्र
प्रश्नकाल के दौरान मंदसौर और नीमच में ट्रांसपोर्टर द्वारा गेहूं और खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का मामला मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है, जिसने हेराफेरी की है। इस पर सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि मामले में चौकीदार की संलिप्तता मिली है। ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। आरोपियों के खिलाफ FIR कराई जाएगी। इस संबंध में सहकारिता आयुक्त ने FIR के लिए 15 फरवरी को पत्र भेज दिया है।

मंत्री भदौरिया ने बताया कि आरोपियों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की भी जानकारी की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर एक जांच दल गठित किया जाएगा।

ग्वालियर में अवैध खनन का मामला उठा
कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने ग्वालियर के लोहानी गांव में अवैध खदान का मामला सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया, यह खदान स्वीकृत नहीं है। बावजूद माफिया रेत निकाल रहे हैं। इसकी जानकारी कलेक्टर को 15 बार फोन पर दी, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। जवाब में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभी तक 8 केस दर्ज किए गए हैं। इस पर लाखन सिंह यादव ने कहा कि वसई में स्वीकृत रेत खदान में रेत नहीं है। उसकी आड़ में आसपास के गांव से रेत निकाली जा रही है।

पानी में खराब हो गया 4 हजार टन गेहूं
विदिशा से कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव ने आरोप लगाया कि खुले में पड़ा 4 हजार टन गेहूं पानी में खराब हो गया। इसके लिए कौन दोषी है और इसकी भरपाई कैसे की जाएगी? खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद लिया है।

पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के अवैध निर्माण हटाए जाने का मामला उठा
पूर्व मंत्री pc शर्मा ने पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के अवैध निर्माण को तोड़े जाने का मामला विधानसभा में उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और कांग्रेस के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने टिप्पणी नहीं की।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जितेंद्र डागा के यहां चले गए, लेकिन उनको सीधी बस हादसे में मृतकों के परिवार वालों से मिलने की फुर्सत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पीसी शर्मा जब होशंगाबाद के प्रभारी मंत्री थे, तब नर्मदा के घाटों में अवैध रेत उत्खनन हुआ। कोरोना संक्रमण को लेकर सारंग ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकार ने फैसला किया है कि लॉकडाउन नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close