Uncategorizedराजस्थान

सचिन पायलट एक महीने बाद राहुल गांधी से मिले, करीब डेढ़ घंटे चर्चा हुई; आलाकमान की तरफ से पार्टी में सुलह की कोशिशें जारी

जयपुर. राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। इसके पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। माना जा रहा है कि पायलट का पार्टी में वापसी का रास्ता बन सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात की पहल खुद आलाकमान की ओर से की गई थी। पायलट गुट के सभी विधायक लगातार कह रहे हैं कि हमारी नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से है।

सुलह की 3 वजहें बताई जा रही हैं
पहली- विधायक-खरीद फरोख्त मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। दूसरी- राष्ट्रद्रोह का मामला हटने से विधायकों को राहत मिली है। तीसरी- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक में संकेत दिए थे कि आलाकमान का फैसला उन्हें मंजूर होगा।

भाजपा ने 11 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई
इस बीच, भाजपा ने 11 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई है। पार्टी गुजरात गए अपने 18 विधायकों को भी वापस बुलाएगी। मंगलवार को शाम 4 बजे जयपुर के होटल क्राउन प्लाजा में विधायक दल की बैठक होगी।

कांग्रेस विधायक पायलट गुट पर कार्रवाई चाहते हैं
इससे पहले, जैसलमेर में रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट गुट पर कार्रवाई की मांग उठी थी। गहलोत गुट के विधायकों ने कहा कि बागियों के खिलाफ एक्शन लिया जाए। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि आलाकमान के सामने बागियों की वकालत नहीं करेंगे।

गहलोत ने सभी विधायकों को भावुक चिट्ठी लिखी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को सभी दलों के विधायकों को एक भावुक चिट्ठी लिखकर कहा था कि आप सरकार गिराने की साजिश का हिस्सा नहीं बनें। अंतरात्मा क्या कहती है, उसके आधार पर फैसला करें। चिट्ठी जारी करने के कुछ देर बाद ही गहलोत जैसलमेर पहुंचे, वहां उनके अलग ही तेवर दिखे। वे कहते हैं कि भाजपा विधायकों में फूट पड़ गई, इसलिए 3-4 जगह बाड़ेबंदी की जा रही है। भाजपा विधायकों की पोल खुल गई है। विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग हो रही थी, इसलिए उन्हें बाड़ेबंदी करनी पड़ी। भाजपा के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, लेकिन अब वे चार्टर विमानों से विधायकों को भेजकर बाड़ेबंदी कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close