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केरल टूरिज्म को 30 हजार करोड़ का घाटा:कोरोना के चलते होटल

रिजॉर्ट आधे भी नहीं भर रहे, बीचों पर सन्नाटा, बैक वाटर्स में खड़ी हाउसबोट्स पर्यटकों बिना सूनी

अनूप कोच्ची में टूरिस्ट गाइड का काम करते हैं, लेकिन कोरोना क्या आया, इनका सारा काम ही बंद हो गया। अनूप बताते हैं कि ‘पहले वह रोज एक से दो हजार रुपए कमा लेते थे, लेकिन अब उन्हें 100 रुपए भी नसीब नहीं हो रहे हैं। इसके चलते उन्होंने अब बच्चों को पढ़ाने के साथ कुछ समाजसेवा का काम भी शुरू किया है।’ यह सूरते-हाल सिर्फ अनूप का नहीं है, केरल में टूरिज्म बिजनेस से जुड़े हर व्यक्ति का है।

केरल देश के सबसे बड़े टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक है। केरल की स्टेट जीएसटी रेवेन्यू में 30% हिस्सा टूरिज्म सेक्टर का ही है, लेकिन कोरोना ने राज्य के टूरिज्म सेक्टर को बुरी तरह से तबाह कर दिया है। केरल के टूरिज्म मंत्रालय के मुताबिक 2019 में राज्य में 1.96 करोड़ टूरिस्ट आए थे। इनमें से 1.83 करोड़ डोमेस्टिक टूरिस्ट थे, जबकि 11.89 लाख टूरिस्ट फॉरेनर थे। 2019 में टूरिज्म सेक्टर से सरकार को 45 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था। केरल सरकार के मुताबिक कोविड के चलते पिछले साल टूरिज्म सेक्टर को 30,711 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (सीपीपीआर) के चेयरमैन डॉक्टर धनुराज बताते हैं कि केरल में टूरिज्म सेक्टर से 15 लाख लोगाें को रोजगार मिला हुआ था। फिलहाल कोविड के चलते कितने लोगों की नौकरी गई है? इसका कोई सरकारी आंकड़ा अभी तक तो नहीं आया है, लेकिन बहुत बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए हैं, क्योंकि पर्यटक बहुत कम आ रहे हैं। अभी बमुश्किल 15 से 20% देशी पर्यटक ही आ रहे हैं, पहले के मुकाबले। विदेशी पर्यटक तो एक साल से राज्य में बिल्कुल ही नहीं आए हैं। स्थिति थोड़ी बेहतर होती दिख रही थी, लेकिन अब एक बार फिर कोरोना का संकट आ गया है।

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